अंबिकापुर।राजपुर
(समाचारवाणी)
राजपुर नगर पंचायत में पदस्थ एक प्लेसमेंट कर्मचारी शंकर नाग को राजपुर सीमा से लगे सागौन जंगल में सेमरा बकासपुर ग्राम से लगे इलाके में दोपहर 2:30 बजे घात लगाकर बैठे लुटेरों ने हमला करके उससे मारपीट कर पैसे,मोबाइल, और बाइक लूट लिया।तीन अज्ञात नकाबपोश द्वारा दिनदहाड़े राजपुर से 2 किलोमीटर दूर जंगल में हुई इस सनसनीखेज लूटपाट की घटना के बाद राजपुर इलाके में सनसनी फैल गई है।आरोपी द्वारा आज देर शाम तक थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई जा रही है।
घटना की सूचना मिलते ही राजपुर पुलिस सक्रिय हो गई है। पीड़ित नगर पंचायत के कर्मचारी शंकर नाग ने बताया कि वह रोज की तरह अपने सेमरा घर से राजपुर ड्यूटी के लिए आ रहा था।
राष्ट्रीय राजमार्ग 343 से लगे सगोन नर्सरी में दोपहर में 2 बजे से ढाई के बीच दो-तीन अज्ञात नकाबपोशों ने उसे रोक कर जंगल के अंदर ले गए और हाथ पैर बांधकर उसके पास रखे पैसे मोबाइल लूट ले गए और उसकी बाइक को भी लेकर फरार हो गए।
वह किसी तरह की सकते हुए सागौन जंगल में अंदर से बाहर आया जहां पर पुटु बीनने गए ग्रामीण पुरुष महिलाओं की नजर उसे पर पड़ी और उन्होंने उस बंधन मुक्त किया और उसने जाकर नगर पंचायत और थाने में इसकी सूचना दी। नगर पंचायत अध्यक्ष धर्म सिंह ने भी इस लूटपाट की घटना की पुष्टि की है।बहरहाल राजपुर थाने ने अभी तक इस घटना की पुष्टि नहीं की है। राजपूत थाने से 3 किलोमीटर दूर हुए इस लूट की वारदात से नागरिकों में भय का वातावरण है।
अज्ञात 3 नकाबपोश ने हाथ पैर बांध लूटा कर्मचारी को..
प्राप्त जानकारी के अनुसार ये सनसनीखेज घटना आज दोपहर लगभग 2:30 की है। राजपुर नगर पंचायत कार्यालय में प्लेसमेंट कर्मचारी सेमरा निवासी शंकर नाग पिता परदेशी 39 वर्ष रोज की तरह सेमरा से जंगल के रास्ते राजपुर नगर पंचायत कार्यालय में अपनी ड्यूटी पर जा रहा था।
आज दोपहर 2:30 बजे जैसे ही वह सागौन जंगल सेमरा के जंगल तक पहुंचा, वहां से पहले ही वहां से घात लगाकर बैठे तीन नकाबपोश लुटेरों ने , जहां उसने शंकर को गाड़ी सहित पकड़ लिया। उन्होंने चौकीदार शंकर को गाड़ी से धक्का मार कर गिरा दिया और मारपीट करते हुए उसे बुरी तरह चोट पहुंचा और उसके जेब में रखे ₹1000 छीन लिए।जिसके बाद उसने शंकर को सड़क से करीब 20 से 30 मीटर अंदर जंगल की ओर ले जाया और हाथ पैर गमछा रस्सी से बांध कर उसके पास से मोबाइल, एक हज़ार पैसे और उसकी बाइक CG 30 H 1574 को लूट ले गए ।
किसी तरह बंधन मुक्त हुए शंकर..
घटना के करीब एक घंटे बाद घायल शंकर किसी तरह से घसीटते हुए जंगल में पगडंडी की ओर गया और अपने बंधे हुए पैर को किसी तरह से खोल कर जंगल से रेंगने की कोशिश की। वहां से पुटू बीनकर जा रहे लोगों की नजरें उस पर टिक गईं, जिसके बाद घायल को उसके घर सेमरा तक पहुंचा दिया गया।
राजपुर आकर चौकीदार शंकर ने नगर पंचायत में अध्यक्ष धर्म सिंह और कर्मचारियों को इसकी जानकारी दी और राजपुर थाने में पहुंचकर रिपोर्ट दर्ज कराई। अभी तक आरोपी पुलिस की पहुंच से दूर है।



