अंबिकापुर। राजपुर
(समाचारवाणी)
वन परिक्षेत्र-राजपुर के उप परिक्षेत्र बरियों, परिसर-रेवतपुर के वन कक्ष क्रमांक पी 2556 अंतर्गत चार जंगली हाथियों का भ्रमण आस-पास के क्षेत्र में विगत् 03-04 माह से हो रहा है। इन्हीं में से 01 नग जंगली हाथी दल से अलग होकर दिनांक 17जुलाई को रात्रि लगभग 9:00 बजे ग्राम-रेवतपुर (नवापारा) की ओर आया। हाथी कृषक बालमसाय टेकाम के मकान के पास पहुंचा, मकान के पिछले हिस्से में कुछ महुआ रखा हुआ था जिसकी गंध से आकर्षित होकर मकान के पिछले हिस्से को तोड़ने लगा।
इस वक़्त घर के अंदर मृतक बालमसाय टेकाम उनकी पत्नि, उनका बेटा एक छोटी बच्ची थे। वन कर्मचारी एवं हाथी मित्रदल के 6 सदस्य एवं कुछ ग्रामीण घटना स्थल के समीप थे।रात्रि समय 9:30 बजे बालमसाय टेकाम घर से बाहर निकलकर, भागकर रोड के किनारे लगभग 150 मीटर तक गये।रात्रि में इन्हें थोड़ा कम दिखाई देता था, बारिश भी अत्यंत तेज थी। इसी बीच इनका सामना इस एक जंगली हाथी से हो गया और हाथी द्वारा इन्हें घायल कर मार डाला गया। घटना उपरांत हाथी जंगल की ओर चला गया। वनकर्मियों ने घटना की सूचना पुलिस को दिया गया। राजपुर पुलिस द्वारा मर्ग इन्टीमेशन उपरांत शव परीक्षण की कार्यवाही किया गया।
प्रकरण में वन्य प्राणी क्षति प्राथमिक रिपोर्ट क्रमांक 276/13755 दिनांक 17.07.2026 दर्ज कर विवेचना में लिया गया है। प्रकरण में एसडीओ रवि श्रीवास्तव एवं रेंज ऑफिसर अजय वर्मा द्वारा मृतक के वैद्य उत्तराधिकारी उनकी धर्म पत्नि श्रीमती नगमतिया बाई को तत्कालिक सहायता राशि 25000 प्रदान की गई एवं शेष 575000 की मुआवजा राशि नियमानुसार कार्यवाही पूर्ण कर प्रदाय की जावेगी।
रेंजर अजय वर्मा ने बताया कि कर्मचारी एवं मित्रदल के सदस्यों द्वारा जंगली हाथियों की निगरानी/ग्रामीणों को हाथियों से दूर रहने की समझाईस दी गई है।जागरूकता हेतु प्रचार-प्रसार किया जा रहा है। वन कर्मचारी एवं मित्रदल के सदस्यों द्वारा सदस्यों द्वारा घटना क्षेत्र में सायं काल से पुरी रात लगातार भ्रमण कर ग्रामीणों को समझाईस एवं हाथियों की निगरानी किया जा रहा था।
वर्तमान में पके हुए आम एवं पके हुए कटहल के कारण आकर्षित होकर जंगली हाथी रिहायसी क्षेत्रों में आ रहे है जिस पर ग्रामीणों को लगातार जंगली हाथी से सुरक्षित दूरी बनाये रखने की समझाईस दी जा रही है। हाथी प्रभावित ग्रामों में वन अधिकारी / कर्मचारी द्वारा लगातार ग्रामीणों से अपील जा रही है, कि जंगली हाथियों के प्रवास के समय अनावश्यक भीड़ ना करें, आवश्यक दूरी बनावे और ना ही जंगल की ओर जावें साथ ही जंगली हाथियों के आने पर तत्काल वन विभाग को सूचित करें।




