संयुक्त जाँच टीम ने अवैध रूप से संचालित 4 क्लीनिक किया सील, बड़ी मात्रा में एलौपैथिक दवाइयां की ज़ब्त

संयुक्त जाँच टीम ने अवैध रूप से संचालित 4 क्लीनिक किया सील, बड़ी मात्रा में एलौपैथिक दवाइयां की ज़ब्त

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अंबिकापुर।राजपुर

(समाचारवाणी) 

बलरामपुर जिले के ब्लाकों के गांवों में अवैध रूप से संचालित क्लीनिक एवं झोलाछाप चिकित्सक सक्रिय होकर उपचार कर रहें है। बलरामपुर में झोलाछाप चिकित्सक के इंजेक्शन लगाने से एक 3 वर्षीय बालक की मौत हो गई थी। इसी को लेकर मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी जिला बलरामपुर ने सर्व खण्ड चिकित्सा अधिकारियों को पत्र जारी कर अवैध रूप से संचालित क्लीनिकों एवं झोला छाप चिकित्सकों के विरुद्ध सघन जांच एवं कार्यवाही करने के निर्देश दिए थे। 

 राजपुर तहसीलदार प्रतीक जायसवाल, बरियों नायब तहसीलदार नरेंद्र कवर, स्वास्थ्य विभाग बीएमओ एवं पुलिस प्रशासन के संयुक्त ने अवैध रूप से संचालित चिकित्सा केंद्रों पर सघन छापेमारी की गई। जांच के दौरान बिना किसी वैध उपाधि और बिना पंजीयन के ग्राम परसागुड़ी में रमेश विश्वास, ग्राम चंद्रगढ़ में राहुल चौधरी व दीनानाथ, ग्राम खुमरी में जीत नारायण को उपचार करते पाए जाने पर मौके से दवाइयां जब्त कर प्रतिष्ठान को सीलबंद किया। उन्होंने बताया कि नियमानुसार अग्रिम वैधानिक कार्रवाई की जा रही है। जनस्वास्थ्य की सुरक्षा हेतु झोलाछाप चिकित्सकों के विरुद्ध ऐसी कार्रवाई आगे भी निरंतर जारी रहेगी।




बलरामपुर जिले के ब्लाकों में दर्जनों अवैध क्लीनिक एवं झोलाछाप चिकित्सक सक्रिय

बलरामपुर जिले में अवैध रूप से क्लीनिक एवं झोलाछाप चिकित्सक सक्रिय होकर मरीज़ो के साथ खिलवाड़ कर रहे है। झोलाछाप चिकित्सकों के पास 

शैक्षणिक योग्यता न तो पंजीयन प्रमाण पत्र है। ऐसे व्यक्तियों एवं संस्थानों द्वारा जनस्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ कर रहे हैं। जिससे आमजन के स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ पड़ रहा है। अवैध क्लीनिक, नर्सिंग होम, पैथोलॉजी लैब खुलेआम संचालित कर रहे है।


प्रशासन ने जारी किया निम्न बिंदुओं पर विशेष ध्यान देने के निर्देश 

•बिना वैध पंजीयन, अनुमति अथवा आवश्यक दस्तावेजों के संचालित संस्थानों को चिन्हांकित किया जाए।

•बिना मान्यता प्राप्त डिग्री अथवा पंजीयन के चिकित्सा व्यवसाय करने वाले व्यक्तियों के विरुद्ध नियमानुसार कार्यवाही की जाए।

•आवश्यकतानुसार पुलिस एवं प्रशासनिक अधिकारियों के सहयोग से निरीक्षण एवं सीलिंग की कार्यवाही सुनिश्चित की जाए।

• की गई कार्यवाही का प्रतिवेदन, संस्थानवार विवरण सहित, इस कार्यालय को प्रेषित किया जाए।

• किसी भी प्रकार की लापरवाही अथवा शिकायत प्राप्त होने पर संबंधित क्षेत्र के उत्तरदायी अधिकारियों की जवाबदेही निर्धारित की जाएगी।

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