प्रशासन की बड़ी कार्यवाही।एसडीएम ने अवैध रूप से संचालित ईट भठ्ठा को किया सील, 5 ईट भट्ठों से 7 लाख 22 हजार ईट ज़ब्त
राजपुर (बलरामपुर)
समाचारवाणी न्यूज़
बलरामपुर जिले के राजपुर एसडीएम ने बगैर दस्तावेज के संचालित होने वाला दो ईंट भट्ठा को सील किया वही पांच ईट भट्ठों से 7 लाख 22 हजार ईट जब्त कर कार्रवाई के लिए कलेक्टर खनिज शाखा को प्रतिवेदन प्रस्तुत किया है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार ग्राम रेवतपुर निवासी रमेश रजक के द्वारा अवैध रूप से ईट भट्टा का संचालन किया जा रहा था। कलेक्टर के निर्देश पर एसडीएम राजीव जेम्स कुजुर ने राजस्व व खनिज विभाग की संयुक्त टीम पहुंचकर निरीक्षण के दौरान ईट निर्माण स्थल पर उपस्थित मुंशी अजय रजक पिता जवाहर रजक निवासी ग्राम भैसामुण्डा सिधरी जिला सूरजपुर से पूछताछ करने पर करीब 250 लाख ईट बनाना बताया। दस्तावेज मज़दूरों की पंजी मांगे जाने पर प्रस्तुत नहीं करने पर बंद कराया गया। जांच में ईट निर्माण हेतु धातु की चिमनी का उपयोग किया जाना पाया गया एवं ईट पकाने हेतु कोयला डंप पाया गया। अवैध ईट परिवहन के लिए टीप्पर वाहन व सोनालिका ट्रैक्टर को ज़ब्त किया वही अवैध बिजली कनेक्शन होने के कारण अवैध ईंट निर्माण कार्य बंद करके स्थल को सील किया गया।
ग्राम रेवतपुर निवासी संजय सिंह द्वारा अवैध रूप से ईंट भट्टा का संचालन किया जा रहा था। 75,000 ईट कच्चा बना हुआ मिला, मिट्टी का अवैध उत्खनन किया गया था। मौके पर धातु चिमनी भी रखा हुआ पाया गया। इनके पास कोई भी स्थायी क्रांकीट चिमनी स्थल पर मौजूद नहीं मिला। दो टिपर वाहन का नम्बर नही मिला, एवम अवैध बिजली कनेक्शन पाया गया। बिजली विभाग का दस्तावेज प्रस्तुत नही किया गया। 75000 ईट व दो वाहन को ज़ब्त किया।
ग्राम शिवपुर निवासी मिथलेश यादव द्वारा अवैध रूप से ईट भट्ठा का संचालन किया जा रहा था राजस्व एवं तहसीलदार की सयुक्त टीम के निरीक्षण दौरान 1.75 लाख ईट निर्माण स्थल पर ज़ब्त किया गया। मौके पर उपस्थित मजदुर होरीलाल पिता चन्दरसाय द्वारा पुछे जाने पर बताया गया कि उनका मालिक मिथलेश यादव है वही सभी कार्य करता है, और मजदूरी में प्रतिदिन 300 रूपए देता है। मौके पर ईंट भट्ठा से संबंधित कोई भी वैध दस्तावेज नही होने से सील किया। मौके पर करीब एक ट्रक कोयला डम्प किया मिला, कोयला का पीटी पास भी नहीं है। अवैध कोयला उत्खनन एवं परिवहन करते मिलने पर उसे ज़ब्त किया गया है। ग्राम दुप्पी में जायसवाल ब्रिक्स ईण्डस्ट्रीज ईट भटठा का निरीक्षण किया गया। 32000 ईट पकाने के लिए रखा गया था। खान एवं खनिज विकास एवं विनिमय अधिनियम 1957 की धारा-21 एवं छत्तीसगढ़ गौण खनिज नियम 2015 के नियम 71 के तहत् खनिज का अवैध उत्खनन् एवं अवैध परिवहन शर्तो का उल्लघन करते पाए जाने पर 32,000 ईट ज़ब्त किया। इसी इलाके में एक चिमनी द्वारा ईंट भट्ठा का अवैध संचालन किया जा रहा था, जिसे संयुक्त टीम द्वारा निरीक्षण किया गया। खान एवं खनिज विकास एवं विनिमय अधिनियम 1957 की धारा-21 एवं छत्तीसगढ़ गौण खनिज नियम 2015 के नियम 71 के तहत् खनिज का अवैध उत्खनन् एवं अवैध परिवहन शर्तों का उल्लंघन करते पाए गए कच्चा ईट जब्त किया।
राजपुर विकासखण्ड के महान नदी किनारे, धजागीर, कोसोझरिया सहित वन राजस्व ज़मीन में रोज़ चल रहा कोयले का अवैध खनन
बलरामपुर जिले के राजपुर इलाके के महान 2 क्षेत्र, मरकाडांड, धजागीर व कोसोझरिया नामक जंगल में बड़े पैमाने पर राजस्व एवं वनभूमि पर अवैध तरीके से हर साल करोड़ो रुपए का कोयले का अवैध खनन किया जाता है और उसे आसपास के ईंट भठठों में खपाया जाता है। दिन दहाड़े महान नदी के किनारे चल रहे भठठों के अलावा दुप्पी, चौरा, रेवतपुर, धंधापुर, खोखनिया में चल रहे चिमनी ईट भठठों में भी अवैध खनन माफिया द्वारा कोयला पहुँचाया जाता है लेकिन खनिज विभाग के अफसरों की मिलीभगत के कारण जिम्मेदार कार्यवाही नहीं करते। पिछले साल यहां से सैकड़ो टन कोयले की खुदाई हो चुकी है।
राजपुर पुलिस ने कोयला खनन इलाके से से सात बाइक व कोयला किया जब्त
सूत्रों से प्राप्त जानकारी के अनुसार राजपुर थाना अंतर्गत मरकाडांड़ के धजागीर कोयला खनन इलाके से पुलिस द्वारा सात बाइक व तीन टन कोयला जब्त कर राजपुर थाना लाया गया था। लंबे समय बाद पिछले कुछ समय से कोयला चोर सक्रिय हैं और रेवतपुर,धंधापुर, दूपी चौरा, मरकाडंड, बरियो, राजपुर, परसवार, नरसिंहपुर सहित सरगुजा,रघुनाथपुर,अंबिकापुर, बलरामपुर, सूरजपुर के कई हिस्सों में स्थित ईंट भट्ठों में अवैध कोयला जेसीबी से खनन कर सप्लाई किया जा रहा है। कुछ ट्रक, हाईवा, टीपर, पिकअप अवैध कोयला परिवहन में लगे हैं और प्रतिदिन रात में, सुबह राजपुर, कुसमी होते झारखंड भेजा जा रहा है। इधर बरियों, धौरपुर होते लुण्ड्रा और रघुनाथपुर कोल डीपो में कोयला खपाया जा रहा है। इलाके में स्थित कई चिमनी भट्ठे अवैध कोल व्यापार केन्द्र बन गए हैं जबकि इनमें बिज़ली चोरी, अवैध दस्तावेज़ के उपयोग की जानकारी मिली है। पिछले कई सालों से लगातार जारी कोयला खनन, चोरी परिवहन में सेटिंग कर अवैध कोल कारोबार में बड़ा नेटवर्क बन चुका है और कुछ राजनीतिक दलों के पदाधिकारी, कुछ वर्दीधारी भी इसमें शामिल हैं।




