- अधिवक्ता संघ ने सर्वसम्मति से लिया फैसला
- इस फ़ैसले को सरगुजा संभाग में मिली सराहना
सूरजपुर (समाचारवाणी न्यूज़)
प्रतापपुर में फिरौती के लिए 10 साल के मासूम का अपहरण के बाद उसकी हत्या के आरोपियों की अधिवक्ता पैरवी नहीं करेगा। अधिवक्ता संघ ने सर्वसम्मति से यह फैसला किया है। इस हत्याकांड को लेकर लोगों में जबरदस्त आक्रोश है।
उल्लेखनीय है कि पुलिस ने मासूम रिशु कश्यप का पड़ोस में ही रहने वाले शुभम सोनी व विशाल ताम्रकार ने अपहरण कर लिया था और उसकी हत्या कर साक्ष्य मिटाने के लिए शव को जला दिया था। पुलिस ने दोनों को घ गिरफ्तार कर लिया है । मासूम की हत्या कर आरोपियों ने मृतक के पिता से फिरौती के नाम पर पैसे वसूल करने की भी कोशिश की।
अधिवक्ता संघ ने सर्वसम्मति से प्रस्ताव पारित कर आरोपियों की पैरवी नहीं करने का फैसला किया है। अधिवक्ताओं ने बालक के परिजन से मिलकर सांत्वना देते हुए अपने इस फैसले की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि वे रिशु के हत्यारों को कड़ी सजा दिलाने के लिए सरकारी वकील का हर संभव सहयोग करेंगे । हत्यारों को फांसी से कम कोई सजा नहीं होनी चाहिए। संघ ने अपने प्रस्ताव की प्रति भी रिशु के पिता अशोक कश्यप को दी। अधिवक्ता संघ के इस पहल की सरगुजा संभाग के लोगों ने सराहना की है।
वार्ड क्रमांक 04 प्रतापपुर निवासी प्रार्थी अशोक कुमार कश्यप रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी कि 29 जनवरी की शाम करीब 4 बजे उनका का 10 वर्षीय पुत्र रिशु खेलने के लिए घर से निकला था। शाम करीब 5 बजे तक घर वापस नहीं आया तो उसक आस-पडोस एंव रिश्तेदारों के यहां खबर लेने की कोशिश की गई मगर कहीं कुछ पता नहीं चला।
इसी बीच पुलिस को मुखबिर से पता चला कि अपहृत बालक के पड़ोसी शुभम सोनी उर्फ गोलू एवं विशाल ताम्रकर की गतिविधि घटना दिनांक से ही संदिग्ध है। दोनो को हिरासत में लिया गया और कड़ाई से पूछताछ की गई तो जुर्म कबूल कर लिया । इस लोमहर्षक हत्याकांड मामले ने समाज को हिला कर रख दिया है।
Samachar Vani news desk, surguja



