भारतेंदु कला एवं साहित्य समिति द्वारा वार्षिकोत्सव आयोजित

भारतेंदु कला एवं साहित्य समिति द्वारा वार्षिकोत्सव आयोजित

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अम्बिकापुर (समाचारवाणी)

महाशिवरात्रि एवं अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस की पूर्व संध्या पर नगर की प्रतिष्ठित साहित्यिक संस्था भारतेंदु कला एवं साहित्य समिति द्वारा स्थानीय भारतेंदु भवन में अपना वार्षिकोत्सव धूमधाम से मनाया गया। आयोजन के मुख्य अतिथि ट्रेड युनियन कौंसिल के प्रांताध्यक्ष जे.पी. श्रीवास्तव, विशिष्ट अतिथि प्राचार्य आर.जे. पाण्डेय, वरिष्ठ कवयित्री श्रीमती गीता दुबे एवं कार्यक्रम की अध्यक्षता समिति अध्यक्ष श्रीमती नीलिमा मिश्र ने किया ।

 श्रीमती पूनम दुबे के सुमधुर सरस्वती वंदना एवं अतिथियों द्वारा दीप प्रज्जवलन के साथ आयोजन की शुरूआत की गई। समिति द्वारा वर्ष 2023 से स्व.पं. जीवननाथ मिश्र की स्मृति में पं.जीवननाथ मिश्र सम्मान प्रदान किया जा रहा है जिसमें सम्मान स्वरूप शॉल-श्रीफल, सम्मान पट्टिका एवं रूपये ग्यारह हजार सम्मान राशि जाती है । वर्ष 2024 का पं.जीवननाथ मिश्र सम्मान चित्रकला के क्षेत्र में विख्यात चित्रकार श्रवण कुमार शर्मा को प्रदान किया गया, जिन्होंने विविध विषयों पर चित्र एवं तैल चित्र बनाकर ख्याति अर्जित की है। श्रवण कुमार शर्मा के बनाय जीवंत चित्र आकाशवाणी अम्बिकापुर सहित देश के विभिन्न आकाशवाणी केन्द्रों, प्रसिद्ध भवनों एवं विदेशों में भी लगाये गये हैं। इन्हें पूर्व राष्ट्रपति एवं प्रधानमंत्री से भी पुरस्कार प्राप्त हो चुका हैं। इस अवसर पर सरगुजिहा में लिखित दो पुस्तकों गागर-अंक 18 एवं सरगुजिहा कबिता कर सझिया संग्रह का विमोचन अतिथियों द्वारा किया गया। डॉ. सुधीर पाठक ने समिति का वार्षिक प्रतिवेदन प्रस्तुत करते हुए उक्त पुस्तकों के संबंध में परिचयात्यक उद्बोधन देते हुए कहा कि सरगुजिहा में लिखित ये पुस्तकें सरगुजिहा साहित्य के विकास में मील का पत्थर साबित होंगे और इससे इस क्षेत्र में कार्य करने वाले अन्य रचनाकारो को प्रेरणा मिलेगी । अन्तर्राष्ट्रीय महिला दिवस पर अपने विचार व्यक्त करते हुए श्रीमती नीलिमा मिश्र ने कहा कि बालक-बालिका में भेद करना उचित नहीं है। विविध सुविधा और योजनाओं की अपेक्षा बच्चियों को एक स्वस्थ माहौल देने की जरूरत है। स्त्री शक्ति स्वरूपा है वह कभी अशक्त नहीं है। ट्रेड कौंसिल के प्रांताध्यक्ष जे.पी. श्रीवास्तव ने उपस्थितजनों को महाशिवरात्रि एवं अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस की बधाई देते हुए शिव और शक्ति के स्वरूप का परिचय कराते हुए कहा कि स्त्री के बिना पुरूष के अस्तित्व की कल्पना नहीं की जा सकती। इस अवसर पर डॉ. सुदामा मिश्र एवं बब्बनजी पाण्डेय ने सारगर्भित विचार व्यक्त किये ।

आयोजन की द्वितीय कड़ी में कन्या शिक्षा परिसर की प्राचार्य एवं वरिष्ठ कवयित्री श्रीमती संध्या सिंह ने नारी विमर्श पर हड्डी का टुकड़ा शीर्षक से कविता "गले में फंसी हड्डी का टुकड़ा है. कुछ दुर्घटनायें नारी के लिए- आजीवन उलझी रहती हैं, वे मुक्त नहीं हो पातीं जिनसे" का पाठ कर लोगों को चिंतन के लिए प्रेरित किया । श्रीमती गीता दुबे, डॉ. सपन सिन्हा जैसे चुनिंदा रचनाकारों ने सरस काव्य पाठ कर वाहवाही बटोरी । वार्षिक सांस्कृतिक कार्यक्रम के तहत सर्वप्रथम कु.जागृति शुक्ला ने राधा रानी को समर्पित सुमधुर भजन की प्रस्तुति दी तथा एकल गीत गाकर उपस्थितजनों को मंत्रमुग्ध कर दिया । कु.अर्चना एवं साथियों ने सरगुजा जिले में प्रचलित प्रसिद्ध सुआ लोकनृत्य एवं कु मिताली ने  मेरे घर राम आये हैं.. गीत पर एकल नृत्य की मनमोहक प्रस्तृति दी । संगीत की  संगीतज्ञ विवेक मिश्रा एवं उनकी टीम द्वारा सजाई गई जिसमें विभिन्न बड़े मंचों पर गायन का अनुभवन रखने वाली सरगुजा की नन्हीं सुरकोकिला कु. शताक्षी वर्मा ने अपने सधे स्वरों से बेहतरीन गजल की प्रस्तुति दी। गायन के क्षेत्र में उभरती श्रीमती सारिका मिश्रा ने भगवान शंकर को समर्पित भजन सुनाया वहीं अन्त में संगीत गुरू विवेक मिश्र ने निर्गुण भजन सुनाकर सभा को स्तब्ध कर दिया। समिति की ओर संगीत एवं नृत्य की टीम को सम्मान निधि से सम्मानित किया गया। कार्यक्रम का संचालन प्रकाश कश्यप एवं आभार प्रदर्शन द्वितेन्द्र मिश्र ने किया ।

आयोजन को हरिकिशन शर्मा, एम. एम. मेहता, कन्हैयालाल गौड़, आर.डी. मिश्र, प्रभुनारायण वर्मा, राजेश मिश्र,श्यामबिहारी पाण्डेय, अलका मिश्रा, मनसा शुक्ला, आश्ना पाण्डेय, मंजू पाठक, उपमा पाण्डेय, गीता द्वितेदी, राजेन्द्र विश्वकर्मा, राजेश पाण्डेय, अभिनव चतुर्वेदी, मन्नवर अशरफी, रंगनाथ पाण्डेय, हरिशंकर सिंह, डॉ.जी.के.अग्रवाल, मलयज वर्मा तथा अन्य साहित्य एवं कला प्रेमियों ने उपस्थित होकर सफल बनाया ।

Samachar Vani news desk, ambikapur 



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