अंबिकापुर
(समाचारवाणी)
अम्बिकापुर-मनेन्द्रगढ मार्ग की दुर्दशा और शहरवासियों को हो रही परेशानी पर आज जन्माष्टमी की दोपहर पूर्व उपमुख्यमंत्री इस राष्ट्रीय राजमार्ग के अवलोकन के लिये मौके पर पहॅुंचे एवं तत्काल इस मार्ग के गड्ढों को भरने के लिये जनसहयोग से पहल भी प्रारंभ किया। अम्बिकापुर- मनेन्द्रगढ मार्ग जो कि राष्ट्रीय राजमार्ग क्रमांक 43 का हिस्सा है पूर्णतः जर्जर हो चुका है। इस मार्ग के साथ ही अम्बिकापुर-रायगढ मार्ग, अम्बिकापुर -बिलासपुर मार्ग, अम्बिकापुर रामानुजगंज मार्ग राष्ट्रीय राजमार्ग विभाग के अधीन हैं। इन मार्गो का रखरखाव और नवीनीकरण राष्ट्रीय राजमार्ग विभाग की है। लेकिन राष्ट्रीय राजमार्ग विभाग की उदासीनता का खामियाजा अम्बिकापुर शहर की जनता को भुगतना पड रहा है। कुछ दिन पूर्व ही स्थानीय सांसद और कलेक्टर दुपहिया वाहनों से इस मार्ग का अवलोकन करने आये थे, उनके निरिक्षण के बावजूद विभाग द्वारा सडक मार्ग की सुधार के लिये कोई प्रयास नहीं किया गया। अम्बिकापुर-मनेन्द्रगढ मार्ग पर मौजूद गड्ढों के कारण आये दिन दुर्घटनाएं हो रही हैं। रेलवे स्टेशन जो इसी मार्ग पर स्थित है में ट्रेन पकडने वाले यात्रियों की ट्रेन इस सडक की दुर्दशा के कारण छूट रही है। शहर के कई प्रतिष्ठित स्कूल-कॉलेज इस मार्ग पर स्थित हैं। वहां पर पढने वाले छात्रों के साथ ही अभिभावकों को भी परेशानियों का सामना करना पड रहा है। इन मार्गो को लेकर राष्ट्रीय राजमार्ग विभाग की उदासीनता का खामियाजा पूरा शहर भुगत रहा है। शहरवासियों की तकलीफ की जानकारी पर पूर्व उपमुख्यमंत्री श्री टी0एस0 सिंहदेव आज मनेन्द्रगढ मार्ग पर पहॅुंचे। मौके के निरीक्षण के बाद पहल करते हुए उन्होंने तत्काल जनसहयोग के माध्यम से सडक के गड्ढों को भरने का कार्य प्रारंभ कराया। इस दौरान उनके साथ जिला पंचायत उपाध्यक्ष आदित्येश्वर शरण सिंहदेव, पी0सी0सी0 महामंत्री द्वितेन्द्र मिश्रा, कांग्रेस जिलाध्यक्ष राकेश गुप्ता, शैलेंद्र प्रताप सिंह सहित बडी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता भी थे।
एन.एच. के सभी मार्ग निगम को हैण्ड-ओवर हो
निरिक्षण के दौरान पूर्व उपमुख्यमंत्री श्री टी0एस0 सिंहदेव ने राष्ट्रीय राजमार्ग विभाग के ई.ई. से भी इस बाबत् चर्चा की। उनसे चर्चा में उन्होंने पूछा कि करीब 1 वर्ष पूर्व कांग्रेस शासनकाल में शहर से गुजरने वाले राष्ट्रीय राजमार्गो एवं नालियों के नवीनीकरण के लिये प्रस्ताव भेजा गया था, उसपर आज दिनांक तक कोई कारवाई क्यों नहीं हुई। उन्होंने एन0एच0 के ईई. को यह कहा कि अगर आप एन. एच. की सडकों का रखरखाव नहीं कर सकते तो उसे नगर निगम अम्बिकापुर को हैण्ड-ओवर कर दीजिये।




