बलरामपुर (समाचारवाणी)
बलरामपुर जिले में पुलिस कस्टडी में युवक की मौत मामले को लेकर पुलिस अधीक्षक श्री वैभव बैंकर ने बड़ा एक्शन लिया है। एसपी ने कोतवाली थाने में पदस्थ एक प्रधान आरक्षक और 7 आरक्षकों को आज लाइन अटैच कर दिया है। टीआई और एक आरक्षक को पहले ही निलंबित किया जा चुका था । इस तरह अब इस मामले में कुल 11 पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई की गई है।
ज्ञातव्य है कि 24 अक्टूबर को पूछताछ के लिए बुलाए गए स्वास्थ्य विभाग के प्यून तीस वर्षीय गुरूचरण मंडल ने लॉकअप के बाथरूम में फांसी लगा ली थी । इसके बाद जिला मुख्यालय में जमकर हंगामा हुआ था।लोगों ने थाने का घेराव कर जमकर प्रदर्शन करते हुए थाने और पुलिस की गाड़ियों पर पथराव किया, और रेलिंग तोड़ने के साथ खिड़कियों के कांच भी तोड़ दिया था । पुलिस ने भीड़ को तितर-बितर करने आंसू गैस के गोले छोड़े और लाठीचार्ज किया। सैकड़ों की संख्या में लोगों ने नेशनल हाइवे 343 पर चक्का ज़ाम कर दिया था।
दूसरे दिन भीड़ ने डंडा दिखाने पर एक महिला पुलिस अधिकारी को दौड़ा दिया था। महिलाओं के आक्रोश के बाद पुलिस अधिकारी को सुरक्षित निकाला गया।
मामले को लेकर पूरे प्रदेश में कई प्रतिक्रियाएं आ रही थी। राजनीतिक हलकों में उबाल आ गया था। कृषि मंत्री रामविचार नेताम ने कोतवाली थानेदार को हटाने के निर्देश दिए थे। इसके बाद बलरामपुर कोतवाली टी.आई.एवं एक आरक्षक को हटा कर दिया गया था। कल प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज एवं कांग्रेस पार्टी के प्रतिनिधि मंडल ने संतोषी नगर जाकर मृतक के परिजनों से मुलाकात की थी और उन्हें मदद का भरोसा दिया था।इसके बाद पत्रकारों से चर्चा करते हुए पीसीसी चीफ दीपक बैज़ ने सरकार पर सवाल खड़े करते हुए प्रदेश की लचर कानून व्यवस्था एवं पुलिस अभिरक्षा में मौत पर कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त की थी।बहरहाल, बलरामपुर में शांति पूर्ण वातावरण में जनप्रतिनिधियों के मध्यस्तता के बाद परिजन बिना पुलिस की मौजूदगी में शव का अंतिम संस्कार करने को राज़ी हुए।




