बलरामपुर
(समाचारवाणी)
जिले में धान खरीदी को लेकर प्रशासन कितना सख्त है इसकी बानगी फिर एक बार सामने आई जब एक थान उपार्जन केन्द्र से लगभग 6 हजार बोरी धान के गायब होने का मामला पकड़ में आया। इसे लेकर प्रशासन में हड़कंप मचा हुआ है। इस खुलासे के बाद अब विभागीय कार्यवाही करने की तैयारी की जा रही है। मामला थान उपार्जन केन्द्र धंधापुर का बताया जा रहा है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार राजपुर विकासखंड के धंधापुर धान खरीदी केन्द्र का जब प्रशासनिक टीम द्वारा भौतिक सत्यापन किया गया तो वहां से 6 हजार बोरी थान कम पाया गया। अनुमान लगाया जा रहा है कि इस खेल में बड़े पैमाने पर क जीगिरी को अंजाम दिया गया है। इस मामले में कलेक्टर के निर्देश पर उनकी टीम अपर कलेक्टर और खाद्य विभाग की टीम ने जब गहन जांच की तो उक्त खरीदी केन्द्र से 2422 क्विंटल धान कम पाया गया। मामले में विभागीय कार्यवाही की तैयारी की जा रही है।धान खरीदी के मामले में गड़बड़ी का यह कोई पहला मामला नहीं है। इससे पहले भी धान शार्टेज के प्रकरण सामने आए हैं और उन पर कार्यवाहियां की जा रही हैं। बंधापुर के मामले में भी प्रकरण दर्ज कर कार्यवाही की तैयारी की जा रही है।
कार्यवाही की जा रही है-खाद्य अधिकारी
इस सम्बंध में खाद्य अधिकारी विजय कुजूर ने कहा है कि धंधापुर थान उपार्जन केन्द्र का अपर कलेक्टर और खाद्य विभाग की टीम द्वारा भौतिक सत्यापन किया गया,जहां लगभग 2 हजार 4 सौ क्विंटल धान कम पाया गया। इस सम्बन्ध में प्रतिवेदन दिया गया है। उसके आधार पर प्रशासनिक कार्यवाही की तैयारी की जा रही है।
लेकिन एक सवाल यहां अब भी बरकरार है कि प्रशासन की तमाम सावधानी और चेतावनी के बावजूद यदि इस प्रकार की कमियां सामने आ रही है तो निश्चित रूप से इसके समीक्षा की जरूरत है। सरकारी समिति धंधा पूर्व में भी कई कारनामों के कारण सुर्खियों में भी रही है इस समिति में कई बार विभागीय जांच की जा रही है और इस इलाके में पदस्थ एक पटवारी द्वारा रकबे में हेर फेर करने और एक प्रबंधक द्वारा अनियमितता की भी जांच पूर्व में हो चुकी है। ग्रामीण बताते हैं कि इस इलाके में सक्रिय बिचौलिए और कुछ बड़े व्यापारी, कुछ किसान संगठित गिरोह के रूप में धान बिक्री में गड़बड़ी करते हैं, और किसानों के खाते में अवैध धान खपाने केआरोप भी लगते रहे हैं।


