नगर के प्राकृतिक जलश्रोत को बचाने कलेक्टर से मिला प्रतिनिधिमण्डल, अवैध कब्ज़े पर ठोस कार्यवाही की रखी मांग

नगर के प्राकृतिक जलश्रोत को बचाने कलेक्टर से मिला प्रतिनिधिमण्डल, अवैध कब्ज़े पर ठोस कार्यवाही की रखी मांग

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समाचारवाणी | अंबिकापुर

शहर के प्राचीन तालाबों और जल स्रोतों के संरक्षण को लेकर अब जनप्रतिनिधियों और सामाजिक संगठनों ने गंभीर पहल शुरू कर दी है। तेजी से हो रहे अतिक्रमण और जल स्रोतों को पाटे जाने की घटनाओं के बीच आज एक प्रतिनिधिमंडल ने कलेक्टर सरगुजा को ज्ञापन सौंपकर तत्काल कड़ी कार्रवाई की मांग की।

यह प्रतिनिधिमंडल MIC सदस्य मनीष सिंह के नेतृत्व में कलेक्ट्रेट पहुंचा। इसमें कैट (CAT) के प्रदेश उपाध्यक्ष रविंद्र तिवारी, पार्षद शशिकांत जायसवाल, शिवमंगल सिंह, विपिन पांडेय, कैट मंत्री पंकज गुप्ता एवं मुकेश गुप्ता सहित अन्य सदस्य शामिल रहे।

🏞️ इन जल स्रोतों को बचाने की मांग

प्रतिनिधिमंडल ने शहर के कई महत्वपूर्ण जल स्रोतों पर हो रहे अतिक्रमण की ओर प्रशासन का ध्यान आकर्षित किया, जिनमें प्रमुख हैं—

भाथूपारा तालाब (होटल पर्पल आर्किड के पीछे)

बौरीपारा स्थित तालाब

ब्रह्मपारा स्थित गढ़िया (लगभग 1.5 एकड़ शासकीय भूमि)

बस स्टैंड स्थित जलाशय 

जल संकट का बढ़ता खतरा

प्रतिनिधिमंडल ने कहा कि यदि इन पारंपरिक जल स्रोतों को समय रहते नहीं बचाया गया, तो आने वाले समय में शहर को गंभीर जल संकट का सामना करना पड़ सकता है। तालाब केवल जल संग्रहण का साधन नहीं, बल्कि पर्यावरण संतुलन, भूजल स्तर और जैव विविधता के लिए भी अत्यंत महत्वपूर्ण हैं। प्रशासन से त्वरित कार्रवाई की मांग हुई।



ज्ञापन के माध्यम से प्रशासन से अपेक्षा की गई है कि

  • अवैध अतिक्रमण पर तुरंत कार्रवाई हो
  • जल स्रोतों की सीमांकन (demarcation) की जाए
  • संरक्षण एवं पुनर्जीवन के लिए ठोस योजना बनाई जाए

प्रतिनिधिमंडल ने उम्मीद जताई कि इस गंभीर विषय पर प्रशासन शीघ्र ही ठोस कदम उठाएगा और शहर की अमूल्य जल धरोहर को सुरक्षित किया जाएगा। जल है तो कल है इस सूत्र वाक्य के साथ इन्होने कहा कि अंबिकापुर के ये तालाब केवल पानी का स्रोत नहीं,  इसकी पहचान और आने वाली पीढ़ियों की धरोहर हैं। इन्हें बचाना सिर्फ प्रशासन नहीं, बल्कि हर नागरिक की जिम्मेदारी है।



नए बस स्टैंड के पास रिंग बांध में नगरपालिका द्वारा छठ घाट का भूमिपूजन और सालों बाद अवैध कब्ज़े के प्रयास 


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